हिसार कोर्ट परिसर में गैंगस्टर की हत्या के मामले की जांच में पुरानी रंजिश का एंगल सामने आया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, हत्या के पीछे करीब 18 साल पुरानी दुश्मनी होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मृतक और हमलावर एक ही गांव से जुड़े थे और उनके बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था।
जांच में यह भी दावा किया जा रहा है कि अजीत थुराना गैंग की ओर से शूटर भेजे गए थे। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस हमलावरों की पहचान और वारदात में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपी पक्ष के बीच पुरानी दुश्मनी थी। करीब 18 साल पहले शुरू हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। इसी रंजिश को वर्तमान हत्या की एक संभावित वजह माना जा रहा है।
जांच से जुड़े दावों के मुताबिक, मृतक की आंख पर हमला भी इसी पुरानी रंजिश के दौरान किया गया था। अब उसी विवाद के चलते हिसार कोर्ट परिसर में उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
कोर्ट में पेशी के दौरान हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। वारदात में कई राउंड फायरिंग किए जाने की जानकारी सामने आई है। कोर्ट परिसर में गोलीबारी होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।
पुलिस ने हत्या के बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फुटेज के जरिए हमलावरों की पहचान और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शूटर हिसार कोर्ट तक कैसे पहुंचे और उनके पास हथियार कहां से आए। वारदात के बाद हमलावर किस रास्ते से फरार हुए, इसकी जानकारी भी CCTV और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से जुटाई जा रही है।
पुलिस पुरानी रंजिश से जुड़े मामलों की भी जानकारी खंगाल रही है। दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों और विवादों का रिकॉर्ड जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।
अजीत थुराना गैंग से कथित संबंधों की भी पुलिस जांच कर रही है। यह पता लगाया जाएगा कि हत्या की साजिश में गैंग के किसी सदस्य की भूमिका थी या नहीं और शूटरों को किसने निर्देश दिए।
मृतक के आपराधिक रिकॉर्ड और उससे जुड़े पुराने विवादों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि किन लोगों के साथ उसकी दुश्मनी थी और हाल के समय में उसे किसी तरह की धमकी मिली थी या नहीं।
कोर्ट परिसर में हुई हत्या के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। पेशी पर आने वाले आरोपियों की सुरक्षा और हथियारों की जांच से जुड़े प्रबंधों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
पुलिस संभावित आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे सकती है। साथ ही संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुरानी रंजिश के कारण हुई इस हत्या ने हिसार के अपराध जगत में चल रहे गैंग विवादों को फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 18 साल पुराना विवाद किस तरह दोबारा हिंसक वारदात तक पहुंचा।
फिलहाल अजीत थुराना गैंग की कथित भूमिका और शूटरों को भेजे जाने के दावे की जांच जारी है। पुलिस CCTV फुटेज, पुराने मुकदमों, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई कर रही है।
![]()











