सफीदों, (एस• के• मित्तल) : के गांव बुड्ढाखेड़ा के पास मंगलवार को आधा दर्जन गांवों के किसानों ने नहरों और रजवाहों में पानी की आपूर्ति ठप होने के विरोध में जींद–सफीदों मार्ग पर जाम लगा दिया। धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंचने से आक्रोशित किसान सड़क पर बैठ गए और प्रशासन व सिंचाई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। खास बात यह रही कि बारिश के बीच भी किसान अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। जानकारी के अनुसार किसानों ने सुबह करीब 10:55 बजे सड़क जाम किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस जाम के कारण यातायात पूरी तरह बाधित रहा। जाम की सूचना मिलते ही सफीदों सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। उनका साफ कहना था कि जब तक रजवाहा नंबर 3 में पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया रैली के बाद से क्षेत्र के माइनरों और रजवाहों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है। उन्होंने कहा कि सफीदों क्षेत्र से गुजरने वाली बुटाना, हांसी ब्रांच और सुंदर ब्रांच नहरों की कुल क्षमता लगभग 9000 क्यूसेक है, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा 5 से 6 हजार क्यूसेक पानी हिसार क्षेत्र की ओर मोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा। किसानों ने बताया कि रोझला माइनर और रजवाहा नंबर 3 में पिछले करीब पांच दिनों से पानी नहीं छोड़ा गया है। इसके चलते बुड्ढाखेड़ा, कलावती, रोझला, मलार सहित आसपास के गांवों के खेतों में खड़ी धान की फसल सूखने लगी है। किसानों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि जल्द पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। एक किसान ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि “रजवाहा मर रहा है और उसके साथ किसान भी मर रहा है।” किसानों का कहना था कि वे कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नारेबाजी करते हुए नहरी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। किसानों की मांग थी कि सफीदों क्षेत्र के सभी माइनरों और रजवाहों में तुरंत पानी छोड़ा जाए तथा सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी नियमित रूप से नहरों का निरीक्षण करें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी राजेश कुमार ने स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए नहरी विभाग के जींद स्थित एससी से किसानों की फोन पर बातचीत कराई। बातचीत के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं और तत्काल समाधान की मांग की। हालांकि शुरू में किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और जाम खोलने से इनकार कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में
और अंटा हेड से पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके साथ ही नहरी विभाग के एससी ने किसानों को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने और पानी छोड़े जाने के बाद किसानों ने करीब 12:30 बजे जाम खोल दिया। जाम खुलने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली।
और अंटा हेड से पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके साथ ही नहरी विभाग के एससी ने किसानों को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने और पानी छोड़े जाने के बाद किसानों ने करीब 12:30 बजे जाम खोल दिया। जाम खुलने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली। ![]()











