कांग्रेस समर्थित पक्ष श्मशान भूमि में कोर्ट के पक्ष में, भाजपा नेताओं ने सुझाए वैकल्पिक स्थान
भाजपा नेता सुनील प्रधान बोले- कोर्ट कालांवाली में बने, लेकिन धार्मिक भावनाओं का रखा जाए ध्यान
सिरसा : जिले के कालांवाली में कोर्ट स्थापित करने के लिए स्थान के चयन को लेकर भाजपा और कांग्रेस से जुड़े स्थानीय नेताओं के बीच मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस समर्थित चेयरमैन एवं कुछ पार्षद श्मशान भूमि में कोर्ट बनाने के पक्ष में बताए जा रहे हैं, जबकि भाजपा नेताओं ने इसका विरोध करते हुए दूसरे स्थानों का विकल्प सुझाया है। दोनों पक्ष कालांवाली में कोर्ट की सुविधा चाहते हैं, लेकिन जगह को लेकर उनकी राय अलग है।
भाजपा नेता टिशू उर्फ सुनील प्रधान का कहना है कि श्मशान भूमि का इस्तेमाल कोर्ट के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि शहर में अन्य स्थान उपलब्ध हैं, जिन पर विचार किया जा सकता है।
सुनील प्रधान के मुताबिक कालांवाली में ओढां रोड स्थित कम्युनिटी हॉल के पास कोर्ट की व्यवस्था की जा सकती है। इसके अलावा अस्पताल के पास सहित कुछ अन्य स्थानों को भी विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है। उनका कहना है कि भाजपा कालांवाली में ही कोर्ट स्थापित किए जाने के पक्ष में है, लेकिन श्मशान भूमि में इसे बनाने से सहमत नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को लेकर उनकी केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से बातचीत हुई है। अर्जुन राम मेघवाल वर्तमान में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। सुनील प्रधान के अनुसार वे रविवार को पंजाब दौरे के दौरान उनसे मुलाकात कर इस विषय को उनके सामने रखेंगे।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि कुछ दिन पहले एक कैबिनेट मंत्री से मुलाकात के दौरान कोर्ट के लिए दो से तीन वैकल्पिक स्थान सुझाए गए थे। दूसरी ओर उनका दावा है कि कांग्रेस से जुड़े कुछ पार्षद उपायुक्त से मिलकर श्मशान भूमि में कोर्ट बनाने की मांग रख चुके हैं। फिलहाल स्थान को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग तर्क हैं और अंतिम निर्णय संबंधित प्रशासनिक एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।
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