बस स्टैंड के नामकरण पर फिर विवाद, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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Kosli Bus Stand

रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के कोसली में 11 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नए बस स्टैंड के नामकरण को लेकर कोसली और भाकली गांव के बीच विवाद एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार को कोसली विकास मंच के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीण मिनी सचिवालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की कि नए बस स्टैंड का नाम पहले की तरह कोसली ही रखा जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि बस स्टैंड पहले से कोसली के नाम से संचालित है। पुराना भवन जर्जर होने के कारण उसका दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में नए भवन का नाम बदलने की मांग उचित नहीं है। उनका तर्क है कि बस स्टैंड की पहचान लंबे समय से कोसली के नाम से रही है और निर्माण कार्य के बाद भी यही नाम बरकरार रखा जाना चाहिए।

भाकली गांव के ग्रामीण भी उठा चुके हैं मांग

बस स्टैंड के नामकरण को लेकर इससे पहले 21 अक्टूबर को भाकली गांव के ग्रामीणों ने भी अपनी मांग रखी थी। उन्होंने निर्माणाधीन बस स्टैंड का नाम शहीद सत्यप्रकाश के नाम पर रखने की मांग की थी। इसके बाद दोनों गांवों के बीच नामकरण का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।

दोनों गांवों के बीच सरकारी परियोजनाओं के नामकरण को लेकर पुराना विवाद रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस विवाद में पहले एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में बस स्टैंड के नाम को लेकर दोनों पक्षों की मांग के बीच यह मुद्दा संवेदनशील बना हुआ है।

कोसली विकास मंच ने रखी अपनी दलील

कोसली विकास मंच के अध्यक्ष तेजपाल यादव ने कहा कि कोसली उपमंडल मुख्यालय है। आसपास के क्षेत्रों के लोगों की सुविधाओं के लिए यहां विभिन्न सरकारी परियोजनाएं स्थापित की जाती हैं। इन परियोजनाओं के लिए आसपास के गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाती है, लेकिन परियोजनाओं का नाम सामान्यतः उपमंडल मुख्यालय के नाम पर रखा जाता है।

उन्होंने कहा कि बस स्टैंड पहले से कोसली के नाम से संचालित हो रहा है, इसलिए नए बस स्टैंड का नाम भी कोसली ही रखा जाना चाहिए। फिलहाल, नामकरण को लेकर दोनों गांवों की मांगों के बीच अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

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