कुरुक्षेत्र में एक ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर में बड़ा हादसा हो गया, जब मंदिर का विशाल गुंबद अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस घटना से मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय मंदिर परिसर में मौजूद एक सेवादार मलबे की चपेट में आ गया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुंबद गिरने से पहले तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद कुछ ही क्षणों में मंदिर का ऊपरी हिस्सा ढह गया। मलबा मंदिर परिसर के कई हिस्सों में फैल गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा प्रशासन को सूचना दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में मंदिर के गर्भगृह को भी नुकसान पहुंचा है। कई हिस्सों में दरारें और संरचनात्मक क्षति देखी गई है। विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है ताकि मंदिर की स्थिति का आकलन किया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि गुंबद गिरने के पीछे क्या कारण रहे।
प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया है और लोगों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने और संरचना की जांच पूरी होने तक सुरक्षा उपाय जारी रहेंगे। साथ ही हादसे के कारणों की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मंदिर क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने धार्मिक और ऐतिहासिक भवनों का समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और रखरखाव बेहद जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन हादसे से हुए नुकसान का आकलन कर रहा है और मंदिर की संरचना को सुरक्षित बनाने के लिए आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
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