कुरुक्षेत्र में HSGMC के पूर्व मेंबर से ₹2 लाख लूटने वाले 3 आरोपी जेल भेजे, पुलिस का दावा- वेटर का काम करते और रात में करते थे वारदात

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Kurukshetra News

कुरुक्षेत्र : हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के पूर्व मेंबर से दो लाख रुपए की लूट के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को पुलिस ने पूछताछ और रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी शादियों और अन्य समारोहों में वेटर का काम करते थे और वारदात के लिए बर्फ तोड़ने वाले नुकीले सुए का इस्तेमाल करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने कैथल और कुरुक्षेत्र क्षेत्र की छह वारदातों में संलिप्तता स्वीकार करने की बात पुलिस ने कही है।

CIA-2 के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक उर्फ अभी, आशीष उर्फ बिल्ला निवासी बलबेड़ा और अमित उर्फ अंकित निवासी हजवाना, जिला कैथल के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार एक सितंबर को HSGMC के पूर्व मेंबर से पिहोवा क्षेत्र में दो लाख रुपए की लूट हुई थी। पीड़ित बाइक पर अपने मिस्त्री को रकम देने के लिए जा रहे थे। गुहला-चीका रोड पर हुडा ग्राउंड के आसपास बाइक सवार तीन युवकों ने कथित तौर पर उनका पीछा किया और मौका पाकर उनसे नकदी लूट ली।

पुलिस का आरोप है कि वारदात के दौरान पीड़ित पर नुकीले सुए से हमला भी किया गया, जिससे वह घायल हो गए। वारदात के बाद तीनों आरोपी बाइक से फरार हो गए थे।

जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक वीडियो लगा, जिसमें तीन संदिग्ध बाइक पर जाते दिखाई दिए। पुलिस का कहना है कि वीडियो और मोबाइल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद CIA-2 की टीम ने तीनों को हरिद्वार से गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक हरिद्वार से कुरुक्षेत्र लाते समय गांव कड़ामी के पास आरोपी अभिषेक ने बाथरूम जाने के बहाने भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि इस दौरान उसने एक पुलिसकर्मी से हाथापाई कर हथियार छीनने का भी प्रयास किया। पुलिस की चेतावनी के बावजूद नहीं रुकने पर की गई फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे काबू कर इलाज के लिए LNJP अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटनाक्रम पुलिस का आधिकारिक पक्ष है।

रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में पुलिस को आरोपियों से अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी मिलने का दावा किया गया है। CIA-2 इंचार्ज मंदीप सिंह के मुताबिक आरोपियों ने पिहोवा की घटना से एक दिन पहले 31 अगस्त को कैथल के पुंडरी क्षेत्र में भी वारदात की थी।

पुलिस का दावा है कि आरोपी सुनसान सड़कों और स्थानों पर लोगों को निशाना बनाते थे। वे पहले आसपास की स्थिति देखते और मौका मिलने पर लूटपाट करते थे। विरोध होने पर नुकीले सुए का इस्तेमाल करने का आरोप है।

जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि आरोपी शादियों और अन्य पारिवारिक समारोहों में वेटर का काम करते थे। वहां बर्फ तोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले सुए को बाद में कथित तौर पर वारदातों में हथियार के रूप में इस्तेमाल करने लगे। पुलिस ने उनके कब्जे से दो सुए बरामद करने की बात कही है।

पुलिस ने आरोपियों से LED, म्यूजिक सिस्टम और मोबाइल समेत कुछ अन्य सामान बरामद करने का भी दावा किया है। इन वस्तुओं को अलग-अलग चोरी और लूट की घटनाओं से जोड़कर सत्यापन किया जा रहा है।

वहीं पीड़ित पूर्व HSGMC मेंबर ने कहा कि उनसे दो लाख रुपए लूटे गए थे, जबकि अभी तक करीब 1.40 लाख रुपए की ही रिकवरी हुई है। उन्होंने बाकी रकम की भी बरामदगी की मांग की है।

पुलिस अब आरोपियों के कथित आपराधिक रिकॉर्ड और छह वारदातों से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन घटनाओं में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। आरोपियों द्वारा पूछताछ में कही गई बातों और उनकी प्रत्येक मामले में भूमिका की पुष्टि साक्ष्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

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