यमुनानगर : पंचकूला-सहारनपुर हाईवे किनारे रुहला खेड़ी गांव के पास पानी की खाल में मिले अज्ञात महिला के शव की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। शिनाख्त के लिए पुलिस ने जांच का दायरा यमुनानगर से बाहर बढ़ा दिया है। अंबाला, कुरुक्षेत्र और पंचकूला पुलिस से संपर्क करने के साथ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र में भी जानकारी साझा कर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस आसपास के जिलों में 25 अगस्त से 9 सितंबर के बीच दर्ज हुई 25 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की गुमशुदगी रिपोर्ट की पड़ताल कर रही है। इन मामलों में दर्ज हुलिया, उम्र और अन्य पहचान संबंधी जानकारियों का मृतका से मिलान किया जा रहा है।
उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इस अवधि के दौरान यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र और पंचकूला में इस आयु वर्ग की करीब 40 महिलाओं की गुमशुदगी के मामले दर्ज हुए हैं। इनमें यमुनानगर में 12, अंबाला में 16, कुरुक्षेत्र में 10 और पंचकूला में 2 मामले बताए गए हैं।
पुलिस अब संबंधित थानों से इन मामलों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है। जरूरत के अनुसार लापता महिलाओं के परिवारों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनमें से किसी महिला का हुलिया और अन्य विवरण बरामद शव से मेल खाता है या नहीं।
इसके साथ ही सहारनपुर पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। यमुनानगर की सीमा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण पुलिस अंतरराज्यीय स्तर पर भी पहचान का प्रयास कर रही है।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे रुहला खेड़ी गांव के पास पंचकूला-सहारनपुर हाईवे किनारे खेतों में बनी पानी की खाल से करीब 30 से 32 वर्षीय महिला का शव बरामद हुआ था। घटनास्थल के आसपास पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला था।
महिला के गले में मंगलसूत्र और पैरों में पाजेब मिली थी। माथे पर चोट का निशान भी पाया गया। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शुरुआत से ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मानकर जांच शुरू की है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सूचना मिलने के बाद DSP राजीव मिगलानी के नेतृत्व में जगाधरी थाना पुलिस और CIA की टीमें घटनास्थल पर पहुंची थीं। फोरेंसिक टीम को बुलाकर मौके से आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए गए।
शव को फिलहाल जगाधरी सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस की प्राथमिकता सबसे पहले मृतका की पहचान स्थापित करना है। पहचान होने के बाद उसके परिवार, हाल की गतिविधियों और वह घटनास्थल तक कैसे पहुंची, इससे जुड़े सवालों की जांच आगे बढ़ सकेगी।
DSP राजीव मिगलानी के मुताबिक पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। आसपास के जिलों की मिसिंग रिपोर्ट के साथ सहारनपुर क्षेत्र में भी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि मृतका की पहचान स्थापित होने से जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है। इसके बाद ही उसकी मौत की परिस्थितियों, घटनास्थल तक पहुंचने और यदि किसी आपराधिक वारदात की पुष्टि होती है तो उसमें शामिल लोगों तक पहुंचने की दिशा में जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
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