हरियाणा के पंचकूला में मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के भीतर टिकट को लेकर जबरदस्त खींचतान देखने को मिल रही है। पार्टी के कई नेता इस प्रतिष्ठित पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।
इस बार खास बात यह है कि पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल एक बार फिर मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। उनके अनुभव और पुराने कार्यकाल को देखते हुए उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी के अंदर नए चेहरों की भी लंबी फेहरिस्त है, जो इस बार मौका मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
सूत्रों के अनुसार, शहर के लगभग हर वार्ड से 5-5 दावेदार टिकट की मांग कर रहे हैं। इससे साफ है कि पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर नेता अपनी पकड़ मजबूत करने और हाईकमान तक पहुंच बनाने में जुटे हुए हैं।
पार्टी नेतृत्व के लिए यह फैसला आसान नहीं होगा, क्योंकि उन्हें ऐसा उम्मीदवार चुनना है जो न केवल पार्टी के लिए जीत सुनिश्चित करे, बल्कि संगठन के भीतर संतुलन भी बनाए रख सके। इस बीच, कार्यकर्ताओं में भी अपने-अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टिकट वितरण में देरी या असंतोष पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में बीजेपी को बेहद सावधानी से कदम उठाने होंगे, ताकि चुनाव में किसी तरह का नुकसान न हो।
फिलहाल, पंचकूला का मेयर चुनाव पूरी तरह से सियासी चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में यह घमासान और तेज होने की संभावना है।
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