रोहतक : जिले के एक निजी स्कूल में साढ़े चार साल की बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया है। बच्ची के पिता ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से न्याय की लड़ाई में साथ देने की अपील करते हुए आरोपी की जल्द पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि घटना के कई दिन बाद भी आरोपी की पहचान स्पष्ट नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ रही है।
पीड़ित पिता का आरोप है कि वह कई दिनों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक आरोपी नहीं पकड़ा गया है। उनका कहना है कि बच्ची की काउंसलिंग और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान सहित जांच की कई प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। इसके बावजूद बच्ची से दोबारा जानकारी लेने की बात कही जा रही है।
परिवार ने बार-बार काउंसलिंग और बयान की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। पिता का कहना है कि इतनी छोटी बच्ची को बार-बार घटना से जुड़ी बातें बताने के लिए कहना उसके लिए मानसिक रूप से परेशान करने वाला हो सकता है। उन्होंने मांग की कि जांच एजेंसी उपलब्ध बयानों, सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द कार्रवाई करे।
परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। बच्ची के पिता का दावा है कि स्कूल का संबंध एक केंद्रीय मंत्री के रिश्तेदार से है और इसी वजह से मामले में राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसी ने भी ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की है।
मामला 15 सितंबर का बताया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि स्कूल से लौटने के बाद बच्ची ने अपने साथ गलत हरकत होने की जानकारी दी थी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और लाखनमाजरा थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहतक पुलिस ने डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। पुलिस स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। बच्ची की विशेषज्ञों की मौजूदगी में काउंसलिंग भी कराई गई है।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में कुछ बच्चों की गतिविधियां सामने आने की जानकारी मिली है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी बच्चे या अन्य व्यक्ति को घटना के लिए जिम्मेदार घोषित नहीं किया है। फुटेज में किसी व्यक्ति की मौजूदगी अपने आप में अपराध में उसकी संलिप्तता साबित नहीं करती।
परिवार का कहना है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्याय की मांग को लेकर धरना देने पर विचार कर रहे हैं। ग्रामीणों की ओर से भी परिवार को समर्थन मिलने की बात कही गई है।
दूसरी ओर लाखनमाजरा थाना पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच अंतिम चरण में है। पुलिस के मुताबिक बच्ची के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और सीसीटीवी समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस ने जल्द मामले की स्थिति स्पष्ट करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।
मामले में पीड़ित बच्ची की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है। परिवार की ओर से लगाए गए राजनीतिक दबाव और अन्य आरोप फिलहाल दावे हैं। घटना में किसकी भूमिका रही, यह पुलिस जांच, मेडिकल-फॉरेंसिक साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
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