शहीद रवि का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, बच्चों ने किया नमन; ट्रेनिंग के अंतिम दिन थमा था दिल

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Shaheed Ravi

चरखी दादरी में शहीद रवि का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। गांव में पार्थिव शरीर के पहुंचते ही स्कूली बच्चों ने कतार में खड़े होकर उन्हें सेल्यूट किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। देश की सेवा के लिए प्रशिक्षण ले रहे रवि की अचानक मौत की खबर से परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर है।

बताया जा रहा है कि रवि सैन्य प्रशिक्षण के अंतिम दिन अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद बेहोश हो गए थे। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मौत हार्ट फेल होने से हुई।

रवि के पार्थिव शरीर को गांव लाए जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे। गांव की गलियों में लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर कोई नम आंखों से अपने लाल को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचा।

स्कूली बच्चों ने रवि के सम्मान में हाथ उठाकर सेल्यूट किया। बच्चों का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया। ग्रामीणों ने कहा कि रवि ने देश की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया और उनकी स्मृति हमेशा गांव के लोगों के बीच जीवित रहेगी।

परिवार के लिए यह क्षण बेहद पीड़ादायक रहा। जिस बेटे से उन्हें देश की सेवा कर परिवार का नाम रोशन करने की उम्मीद थी, उसका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा घर पहुंचा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने बताया कि रवि मेहनती और अनुशासित युवक थे। सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना उनका सपना था। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने कठिन मेहनत की और अंतिम चरण तक पहुंचे थे।

ट्रेनिंग के आखिरी दिन हुई अचानक मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया। परिवार और ग्रामीणों को शुरुआत में यकीन नहीं हुआ कि रवि अब उनके बीच नहीं रहे।

पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के बाद पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

गांव के लोगों ने सरकार और सेना से परिवार को हरसंभव सहायता देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रवि ने देश की सेवा का सपना देखा था और उनका सम्मान पूरे गांव के लिए गर्व की बात है।

अंतिम यात्रा के दौरान भारत माता की जय और शहीद रवि अमर रहें जैसे नारे भी लगाए गए। माहौल में देशभक्ति और गम दोनों का मिश्रण देखने को मिला।

स्कूली बच्चों द्वारा किया गया सेल्यूट रवि के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा। बच्चों ने अपने स्तर पर यह संदेश दिया कि देश के लिए सेवा करने वाले जवानों का सम्मान हमेशा किया जाना चाहिए।

परिजनों और ग्रामीणों ने रवि को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। गांव में लंबे समय तक शोक का माहौल बना रहा।

रवि की अचानक मौत ने सैन्य प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि उनकी मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारण की पुष्टि संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड और आधिकारिक जांच से ही होगी।

फिलहाल रवि का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंच चुका है और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पूरे गांव ने एकजुट होकर शहीद रवि को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई।

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