रोहतक: UGC-NET पेपर लीक मामले में एक कथित हरियाणवी एडवोकेट के वायरल वीडियो इंटरव्यू ने जांच को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। वीडियो में कई गंभीर दावे किए गए हैं, जिनमें कथित तौर पर बिहार के एक गिरोह द्वारा पेनड्राइव के माध्यम से प्रश्नपत्र लाने और रोहतक में दो अलग-अलग स्थानों पर अभ्यर्थियों को प्रश्न याद करवाने की बात कही गई है।
वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। जांच एजेंसियां वीडियो की प्रामाणिकता, उसमें किए गए दावों और उससे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, मामले में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का विश्लेषण किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले को लेकर अभ्यर्थियों में भी चिंता बनी हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है तथा किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा।
महत्वपूर्ण: वायरल इंटरव्यू में किए गए दावे अभी अपुष्ट हैं। इन्हें तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। मामले में अंतिम निष्कर्ष केवल जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
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