उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा के दौरान हुए एक विवादित घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में आरोपों के घेरे में आए हरियाणा के एक पर्यटक ने सामने आकर अपना पक्ष रखा है। पर्यटक का दावा है कि उसने किसी पर जानबूझकर हमला नहीं किया, बल्कि आत्मरक्षा के तहत प्रतिक्रिया दी थी क्योंकि पहले उस पर हमला किया गया था।
पर्यटक के अनुसार, यात्रा मार्ग पर खच्चर संचालक के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। उसने आरोप लगाया कि बहस के दौरान खच्चर संचालक ने उस पर लाठी से वार किया, जिससे वह खुद को बचाने के लिए मजबूर हो गया। उसका कहना है कि उसने बचाव में अपने हाथ में मौजूद कड़े का इस्तेमाल किया और किसी को गंभीर चोट पहुंचाने का उसका इरादा नहीं था।
घटना के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ रिपोर्टों में पर्यटक पर दूसरे पक्ष का सिर फोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। हालांकि पर्यटक ने इन आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया और कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उसने यह भी दावा किया कि उसे हरियाणा का निवासी होने के कारण निशाना बनाया गया और विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाया गया। वहीं, दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर भी घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं तथा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
घटना के वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
![]()











