हरियाणा में AI और ड्रोन से होगी निगरानी, 5 शहरों का 800 वर्ग किमी डिजिटल मैप तैयार

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Haryana AI

हरियाणा सरकार ने शहरी विकास और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हाई-रेजोल्यूशन मैपिंग और ड्रोन तकनीक का उपयोग शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस परियोजना के तहत प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों के करीब 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का डिजिटल मैप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य शहरी नियोजन को बेहतर बनाना और अवैध निर्माण व अवैध खनन जैसी गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई करना है।

अधिकारियों के अनुसार, हाई-रेजोल्यूशन डिजिटल मैपिंग के माध्यम से जमीन और निर्माण गतिविधियों का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। ड्रोन से समय-समय पर हवाई सर्वे किया जाएगा, जबकि AI तकनीक पुराने और नए डेटा का विश्लेषण कर किसी भी अनधिकृत निर्माण या बदलाव की पहचान करने में मदद करेगी।

सरकार का मानना है कि इस तकनीक के उपयोग से अवैध कॉलोनियों, अतिक्रमण और बिना अनुमति किए गए निर्माण कार्यों की पहचान पहले की तुलना में अधिक तेज और सटीक तरीके से हो सकेगी। इसके साथ ही खनन क्षेत्रों की भी नियमित निगरानी की जाएगी, जिससे अवैध खनन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

यह डिजिटल मैप भविष्य की विकास परियोजनाओं, सड़क निर्माण, सीवरेज, जल निकासी और अन्य शहरी योजनाओं के लिए भी उपयोगी साबित होगा। संबंधित विभागों को एकीकृत डिजिटल डेटा उपलब्ध होने से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से प्रशासनिक कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी होगी और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही समय-समय पर ड्रोन सर्वे के जरिए वास्तविक स्थिति का आकलन भी संभव होगा।

फिलहाल संबंधित विभाग इस परियोजना के विस्तार और अन्य शहरों को भी इसमें शामिल करने की योजना पर काम कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था के जरिए शहरी विकास को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।

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