महेंद्रगढ़ : नारनौल शहर के विस्तार और नए सेक्टर विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ी प्रक्रिया शुरू की है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से स्वैच्छिक भूमि खरीद योजना के तहत नारनौल और आसपास के 9 गांवों में कुल 2621.80 एकड़ भूमि खरीदने के लिए विज्ञापन जारी किया है।
योजना के तहत अपनी जमीन सरकार को बेचने के इच्छुक भूमि मालिक 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। जमीन की खरीद स्वैच्छिक आधार पर की जाएगी, यानी भूमि मालिक अपनी इच्छा से सरकार के सामने जमीन बेचने का प्रस्ताव रख सकेंगे।
नारनौल में फिलहाल केवल एक विकसित सेक्टर है। शहर की बढ़ती आबादी, आवासीय जरूरतों और भविष्य की शहरी विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए आसपास के क्षेत्रों में नए सेक्टर विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए बड़े स्तर पर पारंपरिक भूमि अधिग्रहण के बजाय ई-भूमि पोर्टल के जरिए स्वैच्छिक भूमि खरीद की प्रक्रिया अपनाई गई है। सरकार का कहना है कि इससे भूमि मालिक सीधे ऑनलाइन अपनी जमीन का प्रस्ताव दे सकेंगे और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन के अनुसार नए सेक्टरों के लिए नारनौल के साथ बुचकपुर, किरारोद अफगान, नूनी अव्वल, नसीबपुर, नांग तिहाड़ी, मीरपुर-2, रसूलपुर और पटीकरा गांवों की भूमि खरीदने का प्रस्ताव है। इन क्षेत्रों के पात्र भूमि मालिक निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं।
ई-भूमि पोर्टल पर प्रस्ताव मिलने के बाद जमीन से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद भूमि के मूल्यांकन और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही भूमि खरीद को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार का दावा है कि ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने से जमीन खरीद में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों व अन्य भूमि मालिकों को अनावश्यक कार्यालयी चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
नए सेक्टर विकसित होने पर नारनौल के शहरी क्षेत्र का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। इससे शहर में नई आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह उपलब्ध हो सकेगी। नियोजित सेक्टरों के साथ भविष्य में सड़क, सीवरेज, पेयजल, पार्क और अन्य बुनियादी शहरी सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा।
नए क्षेत्रों में संस्थागत और व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित किए जाने की भी संभावना है। हालांकि सेक्टरों का अंतिम स्वरूप, जमीन का उपयोग और विकास से जुड़ी विस्तृत योजना आगे की सरकारी प्रक्रिया के अनुसार तय होगी।
HSVP ने संबंधित क्षेत्रों के इच्छुक और पात्र भूमि मालिकों से 31 अक्टूबर 2026 तक ई-भूमि पोर्टल पर अपना प्रस्ताव देने को कहा है। जमीन का प्रस्ताव देना अपने आप में उसकी खरीद की गारंटी नहीं होगा। दस्तावेजों के सत्यापन, मूल्यांकन और संबंधित नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सरकार जमीन खरीदने पर अंतिम फैसला करेगी।
2621.80 एकड़ जमीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी होने और नए सेक्टर विकसित होने से नारनौल के भविष्य के नियोजित विस्तार को बड़ी गति मिल सकती है। इससे मौजूदा शहर पर बढ़ रहे आवासीय दबाव को कम करने और नई शहरी सुविधाओं के विकास के लिए भी जमीन उपलब्ध हो सकेगी।
![]()











