सफीदों, (एस• के• मित्तल) : विश्व हिंदू परिषद के जिला सलाहकार अरविंद शर्मा ने कहा कि अशोक सिंहल का जीवन भारतीय संस्कृति, हिंदू समाज के संगठन, पूज्य संतों के प्रति श्रद्धा और सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए समर्पित रहा। उनकी जन्म शताब्दी वर्ष उनके जीवन और योगदान को स्मरण करने के साथ-साथ सेवा, संगठन, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना के नए संकल्पों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। अरविंद शर्मा ने कहा कि अशोक सिंहल ने अपने सार्वजनिक जीवन में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समाज को संगठित करने के लिए कार्य किया। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा। जन्म शताब्दी वर्ष के दौरान उनके विचारों और कार्यों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर तैयार किया गया विशेष लोगो अशोक सिंहल के जीवन, विचारों और संकल्पों का प्रतीकात्मक स्वरूप है। यह लोगो उनके प्रति कृतज्ञ श्रद्धांजलि के साथ-साथ उनके विचारों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा का प्रतीक बनेगा। इसके माध्यम से जन्म शताब्दी वर्ष की गतिविधियों को भी एक विशेष पहचान मिलेगी। अरविंद शर्मा ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद सहित विभिन्न स्थानों पर जन्म शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों, प्रकाशनों, डिजिटल माध्यमों, स्मृति अभियानों और जनसंपर्क गतिविधियों में इस लोगो का उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से अशोक सिंहल के जीवन एवं कार्यों से जुड़ी स्मृतियों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि जन्म शताब्दी वर्ष का उद्देश्य केवल अतीत के योगदान को याद करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा और सामाजिक दायित्व की भावना को मजबूत करना भी है। युवा पीढ़ी को संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना आवश्यक है। अशोक सिंहल के जीवन से जुड़े विचार और कार्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं।
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