पानीपत में 15 वर्षीय किशोरी को शादी का झांसा देकर ले जाने का आरोप, किराए के कमरे से मिली; POCSO के तहत केस दर्ज

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Panipat Minor Girl Case

पानीपत : जिले के सनौली थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी को शादी का झांसा देकर घर से ले जाने और उसके साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। किशोरी के परिजनों ने सूचना मिलने के बाद उसे एक किराए के कमरे से सुरक्षित बरामद किया, जबकि आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने BNS और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी शिकायत में किशोरी की मां ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं और 15 वर्षीय बेटी सबसे छोटी है। बीती 26 अप्रैल को किशोरी अचानक घर से लापता हो गई थी। परिवार ने आसपास के क्षेत्रों, रिश्तेदारों और अन्य संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।

परिजन लगातार किशोरी की तलाश करते रहे। इसी दौरान 4 सितंबर को उन्हें जानकारी मिली कि गांव का ही एक युवक किशोरी को कथित तौर पर शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया है।

परिजनों को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी ने छोटूराम चौक के आसपास किराए पर कमरा लिया हुआ है और किशोरी वहीं मौजूद है। सूचना मिलने के बाद उसकी मां परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बताए गए स्थान पर पहुंची।

परिजनों के अनुसार उन्हें देखकर आरोपी युवक मौके से भाग निकला। इसके बाद परिवार ने कमरे में मौजूद किशोरी को अपने संरक्षण में लिया और उसे घर लेकर आया।

परिजनों का कहना है कि वापस आने के बाद किशोरी ने उनके सामने घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। शिकायत के मुताबिक किशोरी ने आरोप लगाया कि युवक उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था और किराए के कमरे में रखा था।

किशोरी ने आरोपी पर इस अवधि के दौरान उसके साथ कथित तौर पर बार-बार यौन शोषण करने का आरोप भी लगाया है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई शुरू की है।

किशोरी की मां की शिकायत के आधार पर सनौली थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ BNS और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

पुलिस आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही किशोरी के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच की जा रही है।

नाबालिग पीड़िता की पहचान और उससे जुड़ी ऐसी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी गई है, जिससे उसकी पहचान उजागर हो सकती है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

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