हरियाणा के गेस्ट टीचर्स ने नए सेवा नियमों का किया विरोध, बोले- नियमितीकरण से कम मंजूर नहीं; शिक्षा मंत्री के आवास घेराव का ऐलान

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Haryana Guest Teachers

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार की ओर से जारी किए गए अतिथि शिक्षक सेवा नियम-2026 का गेस्ट टीचर्स ने विरोध किया है। गेस्ट टीचर्स का कहना है कि उनकी मुख्य मांग सेवा शर्तों में बदलाव नहीं, बल्कि नियमितीकरण है। इसी मांग को लेकर प्रदेशभर के गेस्ट टीचर्स बुधवार को पानीपत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के आवास के घेराव के लिए पहुंचेंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग ने 22 सितंबर को हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा नियम-2026 अधिसूचित किए हैं। नए नियमों में गेस्ट टीचर्स की सेवानिवृत्ति, अवकाश, स्थानांतरण और अनुशासनात्मक कार्रवाई समेत विभिन्न सेवा शर्तें तय की गई हैं।

हरियाणा गेस्ट टीचर्स के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान का कहना है कि नए सेवा नियम उनकी मूल मांग का समाधान नहीं करते। उनका दावा है कि प्रदेश में करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स की प्रमुख मांग नियमितीकरण की है और वे इससे कम पर सहमत नहीं हैं।

नए नियमों के मुताबिक गेस्ट टीचर जिस महीने 58 वर्ष की आयु पूरी करेगा, उस महीने के अंतिम दिन उसकी सेवानिवृत्ति होगी। महिला और एकल पुरुष गेस्ट टीचर्स के लिए पूरी सेवा अवधि के दौरान अधिकतम 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव का प्रावधान किया गया है। यह अवकाश बिना वेतन होगा, लेकिन इसे सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा।

दो जीवित बच्चों तक वाले पुरुष गेस्ट टीचर्स को पत्नी के प्रसव या एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे को वैध रूप से गोद लेने की स्थिति में 15 दिन के पितृत्व अवकाश का प्रावधान भी किया गया है। इसके अलावा नए नियमों में आकस्मिक अवकाश, स्थानांतरण और अनुशासनात्मक कार्रवाई से संबंधित व्यवस्थाएं भी तय की गई हैं।

गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि इन प्रावधानों के बावजूद नियमितीकरण का मुद्दा हल नहीं हुआ है। संगठन के प्रतिनिधियों का दावा है कि पात्र गेस्ट टीचर्स को 2014 की नियमितीकरण नीतियों और उनसे जुड़े अदालती फैसलों के अनुसार नियमित करने की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।

डॉ. अजय लोहान के अनुसार संगठन की मांग है कि पात्र शिक्षकों को नियमितीकरण की प्रभावी तारीख से नियमानुसार वेतन और अन्य सेवा लाभ दिए जाएं। संगठन एरियर पर 6 प्रतिशत ब्याज, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य देय लाभों की मांग भी कर रहा है।

गेस्ट टीचर्स के प्रतिनिधियों का कहना है कि नियमितीकरण की मांग को लेकर 23 जून से लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। इससे पहले भी शिक्षक अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री से मुलाकात और विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन कर चुके हैं।

नियमितीकरण को लेकर मामला अदालतों में भी पहुंचा है। विभिन्न याचिकाओं में गेस्ट टीचर्स ने 2014 की नियमितीकरण नीतियों के तहत पात्रता का दावा करते हुए सरकार से अपनी सेवाएं नियमित करने की मांग की है। हाल के अदालती आदेशों में भी संबंधित सक्षम अधिकारियों को कुछ याचिकाकर्ताओं के दावों और अभ्यावेदनों पर कानून तथा पूर्व निर्णयों के अनुसार विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

गेस्ट टीचर्स का कहना है कि वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं देने के बाद अब वे स्थायी सेवा की मांग पर कायम हैं। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को पानीपत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के आवास के घेराव का कार्यक्रम रखा गया है।

सरकार की ओर से अधिसूचित सेवा नियम फिलहाल लागू हैं, जबकि नियमितीकरण को लेकर शिक्षकों की मांग और उससे संबंधित कानूनी प्रक्रिया अलग से जारी है। ऐसे में बुधवार के प्रदर्शन के बाद सरकार और गेस्ट टीचर्स के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या बातचीत होती है, इस पर नजर रहेगी।

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