हरियाणा के सरकारी कॉलेज शिक्षकों को बड़ी राहत, CAS प्रमोशन में ‘ग्रामीण सेवा’ की शर्त से एक साल की छूट

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Haryana College Professors

चंडीगढ़ : हरियाणा के राजकीय

चंडीगढ़ : हरियाणा के राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों और प्रोफेसरों को करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत पदोन्नति से जुड़ी बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने प्रमोशन के लिए निर्धारित ग्रामीण सेवा की अनिवार्य शर्त में एक वर्ष के लिए छूट देने का फैसला किया है।

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में 15 सितंबर 2026 को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। आदेश राज्य के सभी राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भेजते हुए इसके अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार के इस निर्णय का लाभ विशेष रूप से उन शिक्षकों को मिलने की उम्मीद है, जिनके करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति के मामले ग्रामीण क्षेत्र में निर्धारित सेवा अवधि पूरी नहीं होने के कारण लंबित थे।

सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की पदोन्नति और अगले शैक्षणिक स्तर अथवा पे-स्केल में जाने के लिए करियर एडवांसमेंट स्कीम लागू है। इसके तहत निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य शर्तों को पूरा करने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में सेवा से जुड़ी शर्त भी लागू रही है।

कई मामलों में शिक्षक अन्य आवश्यक पात्रताएं पूरी कर चुके थे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेज में निर्धारित सेवा अवधि पूरी नहीं होने के कारण उनके CAS के मामले आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। शिक्षकों के तबादले प्रशासनिक जरूरत और उपलब्ध पदों के आधार पर होने के कारण भी कुछ शिक्षक समय पर ग्रामीण सेवा की शर्त पूरी नहीं कर सके।

अब उच्च शिक्षा विभाग ने ग्रामीण सेवा से जुड़ी इस अनिवार्यता में एक वर्ष की छूट प्रदान की है। इससे ऐसे पात्र शिक्षकों के लंबित CAS मामलों के निपटारे का रास्ता खुल सकता है।

इस निर्णय के बाद कॉलेज स्तर पर लंबित मामलों की दोबारा जांच की जाएगी। पात्रता की अन्य सभी शर्तें पूरी करने वाले शिक्षकों के मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकेगा।

CAS के तहत पदोन्नति मिलने पर शिक्षकों को उच्च शैक्षणिक स्तर और उससे जुड़े वित्तीय लाभ मिलते हैं। ऐसे में लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे से संबंधित शिक्षकों को वेतन संबंधी लाभ और नियमानुसार देय एरियर मिलने का रास्ता भी साफ हो सकता है।

विभाग के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न सरकारी कॉलेजों में कार्यरत उन शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका प्रमोशन केवल ग्रामीण सेवा की निर्धारित अवधि पूरी नहीं होने के कारण अटका हुआ था।

हालांकि यह छूट एक वर्ष के लिए दी गई है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन को निर्धारित अवधि के भीतर पात्र शिक्षकों के मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। अन्य पात्रता शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।

उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के बाद अब राजकीय महाविद्यालयों के स्तर पर लंबित CAS मामलों की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। इससे पात्र शिक्षकों को समय पर पदोन्नति और उससे जुड़े वित्तीय लाभ मिलने में सहायता मिलेगी।

में कार्यरत प्राध्यापकों और प्रोफेसरों को करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के तहत पदोन्नति से जुड़ी बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने प्रमोशन के लिए निर्धारित ग्रामीण सेवा की अनिवार्य शर्त में एक वर्ष के लिए छूट देने का फैसला किया है।

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में 15 सितंबर 2026 को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। आदेश राज्य के सभी राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भेजते हुए इसके अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार के इस निर्णय का लाभ विशेष रूप से उन शिक्षकों को मिलने की उम्मीद है, जिनके करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति के मामले ग्रामीण क्षेत्र में निर्धारित सेवा अवधि पूरी नहीं होने के कारण लंबित थे।

सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की पदोन्नति और अगले शैक्षणिक स्तर अथवा पे-स्केल में जाने के लिए करियर एडवांसमेंट स्कीम लागू है। इसके तहत निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य शर्तों को पूरा करने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में सेवा से जुड़ी शर्त भी लागू रही है।

कई मामलों में शिक्षक अन्य आवश्यक पात्रताएं पूरी कर चुके थे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेज में निर्धारित सेवा अवधि पूरी नहीं होने के कारण उनके CAS के मामले आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। शिक्षकों के तबादले प्रशासनिक जरूरत और उपलब्ध पदों के आधार पर होने के कारण भी कुछ शिक्षक समय पर ग्रामीण सेवा की शर्त पूरी नहीं कर सके।

अब उच्च शिक्षा विभाग ने ग्रामीण सेवा से जुड़ी इस अनिवार्यता में एक वर्ष की छूट प्रदान की है। इससे ऐसे पात्र शिक्षकों के लंबित CAS मामलों के निपटारे का रास्ता खुल सकता है।

इस निर्णय के बाद कॉलेज स्तर पर लंबित मामलों की दोबारा जांच की जाएगी। पात्रता की अन्य सभी शर्तें पूरी करने वाले शिक्षकों के मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकेगा।

CAS के तहत पदोन्नति मिलने पर शिक्षकों को उच्च शैक्षणिक स्तर और उससे जुड़े वित्तीय लाभ मिलते हैं। ऐसे में लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे से संबंधित शिक्षकों को वेतन संबंधी लाभ और नियमानुसार देय एरियर मिलने का रास्ता भी साफ हो सकता है।

विभाग के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न सरकारी कॉलेजों में कार्यरत उन शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका प्रमोशन केवल ग्रामीण सेवा की निर्धारित अवधि पूरी नहीं होने के कारण अटका हुआ था।

हालांकि यह छूट एक वर्ष के लिए दी गई है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन को निर्धारित अवधि के भीतर पात्र शिक्षकों के मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। अन्य पात्रता शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।

उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के बाद अब राजकीय महाविद्यालयों के स्तर पर लंबित CAS मामलों की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। इससे पात्र शिक्षकों को समय पर पदोन्नति और उससे जुड़े वित्तीय लाभ मिलने में सहायता मिलेगी।

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