हरियाणा में बछड़े के जन्म पर एक परिवार ने ऐसी रस्में निभाईं, जिनकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। परिवार ने बछड़े के जन्म की खुशी में छठी का आयोजन किया। इस मौके पर करीब 1 हजार लोगों के लिए भोज रखा गया। खास बात यह रही कि बछड़े के जन्म को बेटे के जन्म की तरह मानते हुए कुआं पूजन की रस्म भी निभाई गई।
परिवार के लिए यह बछड़ा बेहद खास है। उसके जन्म के बाद घर में खुशी का माहौल बना और परिवार ने पारंपरिक तरीके से छठी मनाने का फैसला लिया। आयोजन में रिश्तेदारों, परिचितों और ग्रामीणों को आमंत्रित किया गया।
छठी के अवसर पर करीब 1 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर परिवार को बधाई दी और बछड़े के जन्म की खुशी में शामिल हुए।
आयोजन की एक और खास रस्म कुआं पूजन रही। परिवार ने लड़के के जन्म पर होने वाली परंपरा की तरह बछड़े के जन्म के बाद कुआं पूजन किया। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए और बछड़े के प्रति अपने लगाव को जाहिर किया।
बताया गया है कि बछड़े के जन्म की खुशी में ससुराल पक्ष की ओर से छूछक भी आया। इसमें परिवार को नकद राशि समेत अन्य सामान दिया गया। ससुराल पक्ष की ओर से ₹21 हजार दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
ग्रामीण संस्कृति में पशुधन को परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में गाय और उसके बछड़े को लेकर लोगों की भावनात्मक और धार्मिक आस्था भी जुड़ी होती है। इसी परंपरा के तहत परिवार ने बछड़े के जन्म को बड़े उत्सव के रूप में मनाया।
कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह आयोजन लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे पशुओं के प्रति परिवार के लगाव और ग्रामीण परंपराओं की अनोखी मिसाल बता रहे हैं।
बछड़े के जन्म पर आयोजित यह समारोह अब आसपास के गांवों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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