हरियाणा में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने हरियाणवी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि इन्फ्लुएंसर ने रास्ते में महिला सरपंच का ट्रैक्टर खड़ा होने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। महिला सरपंच ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी।
बताया जा रहा है कि गांव के एक रास्ते पर महिला सरपंच का ट्रैक्टर खड़ा था। इसी दौरान इन्फ्लुएंसर ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर का वीडियो बनाया। वीडियो में रास्ते में वाहन खड़ा होने को लेकर सवाल उठाए गए और बाद में इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर दिया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। महिला सरपंच का कहना है कि ट्रैक्टर के रास्ते में खड़े होने से स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं को परेशानी हो रही थी। उन्होंने बताया कि रास्ते से आने-जाने में दिक्कत के कारण लोगों ने आपत्ति जताई थी।
सरपंच के अनुसार, रास्ते में वाहन खड़ा होने की समस्या को लेकर बात की जा सकती थी, लेकिन वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने से विवाद बढ़ गया। उन्होंने वीडियो वायरल करने के तरीके पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने वायरल वीडियो और उससे जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी जुटाई। इसके आधार पर इन्फ्लुएंसर के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया था और उसमें किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री शामिल थी या नहीं।
सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैलने के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए। महिला सरपंच ने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को रास्ते की समस्या से राहत दिलाना था और महिलाओं को आवागमन में परेशानी हो रही थी।
वहीं, पुलिस अब यह जांच करेगी कि वायरल वीडियो के कारण किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा या अन्य किसी कानूनी प्रावधान का उल्लंघन हुआ।
मामले में पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट, वीडियो की मूल कॉपी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच में शामिल कर सकती है। वीडियो किस समय और किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया, इसकी भी पुष्टि की जा सकती है।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा है। कुछ लोग रास्ते में वाहन खड़े करने को गलत बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की वीडियो डालने के तरीके को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। FIR दर्ज होने के बाद जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान भी लिए जा सकते हैं।
महिला सरपंच ने कहा कि गांव के रास्ते सार्वजनिक आवागमन के लिए होते हैं और वहां ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए जिससे किसी वर्ग को परेशानी हो। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के आवागमन में बाधा की बात कही।
इस मामले ने ग्रामीण इलाकों में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। स्थानीय विवादों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई बार मामला पुलिस और प्रशासन तक पहुंच जाता है।
पुलिस वीडियो की सत्यता और उसके संदर्भ की जांच करेगी। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
फिलहाल हरियाणवी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। वायरल वीडियो में दिखाए गए रास्ते और ट्रैक्टर से जुड़े विवाद के साथ-साथ वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
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