पानीपत में आधी रात सड़कों पर उतरे निगम कमिश्नर, लापरवाही पर ₹50 लाख तक जुर्माने की चेतावनी

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Panipat News

पानीपत में नगर निगम कमिश्नर आधी रात को एक्शन मोड में नजर आए। शहर की सफाई और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए उन्होंने देर रात विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान काम में लापरवाही को लेकर अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त चेतावनी दी गई। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि नियमों और निर्धारित शर्तों के अनुसार काम नहीं करने पर संबंधित ठेकेदार पर ₹50 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। शहर में गंदगी फैलाने वाली डेयरियों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

देर रात हुए औचक निरीक्षण के कारण नगर निगम के अधिकारियों और सफाई व्यवस्था से जुड़े ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति रही। कमिश्नर ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुसार चल रही है या नहीं। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की मौजूदगी से संबंधित जानकारी ली गई।

नगर निगम कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। ठेकेदारों को भी अनुबंध की शर्तों के अनुसार पर्याप्त कर्मचारी और संसाधन लगाकर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।

लापरवाही सामने आने पर आर्थिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। कमिश्नर ने ₹50 लाख तक जुर्माना लगाने की बात कही है। वास्तविक जुर्माना उल्लंघन की प्रकृति और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।

नगर निगम अब डेयरियों को लेकर भी सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है। शहर के भीतर संचालित डेयरियों से निकलने वाला गोबर और अन्य अपशिष्ट सफाई तथा सीवरेज व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

गोबर या डेयरी का कचरा नालियों और सीवर में डालने से पाइपलाइन जाम होने और जल निकासी प्रभावित होने का खतरा रहता है। बारिश के दौरान इससे जलभराव की समस्या भी गंभीर हो सकती है।

नियमों का उल्लंघन करने वाली डेयरियों के खिलाफ चालान सहित अन्य कार्रवाई की जा सकती है। नगर निगम की टीमें डेयरियों की स्थिति और वहां कचरा निस्तारण की व्यवस्था की जांच कर सकती हैं।

कमिश्नर के देर रात निरीक्षण को नगर निगम की कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। रात्रिकालीन निरीक्षण से सफाई कर्मचारियों की मौजूदगी और वास्तविक सफाई व्यवस्था की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

अधिकारियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं। सफाई से जुड़े ठेकेदारों के काम की निगरानी के लिए कर्मचारियों की उपस्थिति और कचरा उठाने वाले वाहनों का रिकॉर्ड भी जांचा जा सकता है।

फिलहाल पानीपत में आधी रात हुए औचक निरीक्षण के बाद अधिकारियों और ठेकेदारों को सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही पर ₹50 लाख तक जुर्माने की चेतावनी के साथ डेयरियों के खिलाफ भी सख्त अभियान चलाने की तैयारी है।

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