सिरसा : शहर के जीटीएम ग्राउंड में चल रहे मेले के प्रचार-प्रसार और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद बढ़ गया है। मेला आयोजक की शिकायत पर पुलिस ने एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर युवती और यूट्यूबरों समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने ₹1.50 लाख की मांग करने और पैसे नहीं देने पर कथित तौर पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच सिविल लाइन थाना के जांच अधिकारी द्वारा की जाएगी और एसपी सिरसा इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। पुलिस चारों नामजद लोगों को जांच में शामिल कर उनका पक्ष भी जानेगी।
रोहतक निवासी नरेश पुत्र ओमप्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सिरसा के हिसार रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक के पास जीटीएम ग्राउंड में मेले का आयोजन कर रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक मेले के आयोजन के लिए जिला प्रशासन से आवश्यक अनुमति ली गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर मेले का प्रचार करने के लिए एक महिला इंफ्लूएंसर से बातचीत हुई थी। कथित तौर पर प्रति वीडियो ₹2 हजार के हिसाब से तीन वीडियो के लिए कुल ₹6 हजार की राशि तय हुई।
मेला आयोजक का दावा है कि उसने इसमें से ₹4 हजार का भुगतान ऑनलाइन और ₹2 हजार नकद किया। पुलिस को ऑनलाइन भुगतान से संबंधित स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराया गया है।
आयोजक का आरोप है कि इसके बाद अन्य लोगों के नाम पर उससे ₹1.50 लाख की मांग की गई। शिकायत में दावा किया गया है कि रकम नहीं देने की स्थिति में मेले के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक सामग्री डालने का दबाव बनाया गया। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने शुरुआती तौर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड, बातचीत, सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मामला सामने आने के बाद संबंधित सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर और यूट्यूबरों के बीच सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप और कहासुनी भी सामने आई है। हालांकि सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को पुलिस जांच से पहले स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
फिलहाल FIR मेला आयोजक की शिकायत पर दर्ज की गई है। दूसरे पक्ष की ओर से अलग शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच में नामजद सभी लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
इस मामले में FIR में नाम होना किसी व्यक्ति के दोषी होने की अंतिम पुष्टि नहीं है। ₹1.50 लाख की कथित मांग, भुगतान और दबाव बनाने से जुड़े आरोपों की वास्तविकता पुलिस द्वारा डिजिटल रिकॉर्ड, लेन-देन के दस्तावेज और संबंधित पक्षों के बयान की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। एसपी की निगरानी में जांच आगे बढ़ने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
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