Haryana में चर्चित 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में जरूरी फाइल राज्य के मुख्य सचिव कार्यालय तक पहुंच चुकी है और अगले सप्ताह तक मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार यह मामला IDFC और AU बैंक से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं से संबंधित है। जांच एजेंसियां इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर हुई कार्रवाई, मंजूरी प्रक्रिया और वित्तीय निर्णयों की भूमिका को खंगाल रही हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और फैसलों पर सवाल उठ सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसी पहले ही मामले से जुड़े कई पहलुओं की जांच कर चुकी है। अब अधिकारियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित वित्तीय गड़बड़ियों के दौरान किस स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी हुई। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी के खिलाफ औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं।
प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर काफी चर्चा बनी हुई है। बताया जा रहा है कि अनुमति मिलते ही जांच एजेंसी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर सकती है। वहीं सरकार की ओर से भी पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। आम लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें बड़ी धनराशि और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। फिलहाल सभी की नजर मुख्य सचिव कार्यालय से मिलने वाली मंजूरी और आगे की जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
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