गुरुग्राम में डोमिनोज पिज्जा की पैरेंट कंपनी से जुड़े ₹3.28 लाख के कथित गबन का मामला सामने आया है। आरोप कंपनी में कार्यरत एक सीनियर असिस्टेंट मैनेजर पर लगा है। बताया जा रहा है कि कर्मचारी ने कंपनी की रकम निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमा नहीं कराई। मामला सामने आने के बाद उसे नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके बाद वह कथित तौर पर लापता हो गया। कंपनी की ओर से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार आरोपी कर्मचारी कंपनी में सीनियर असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम करता था। जिम्मेदारी के चलते उसके पास कंपनी के वित्तीय लेनदेन से संबंधित काम भी था।
आरोप है कि इसी दौरान उसके पास कंपनी की करीब 3 लाख 28 हजार रुपए की रकम आई, जिसे निर्धारित खाते या संबंधित प्रक्रिया के तहत जमा कराया जाना था।
कंपनी के रिकॉर्ड की जांच के दौरान रकम जमा नहीं होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद संबंधित कर्मचारी से इस बारे में जवाब मांगा गया।
प्रबंधन ने अपने स्तर पर रिकॉर्ड का मिलान किया और कर्मचारी को कथित वित्तीय अनियमितता के संबंध में नोटिस जारी किया।
बताया जा रहा है कि नोटिस मिलने के बाद कर्मचारी का संपर्क नहीं हो पाया। उसके कथित तौर पर लापता होने के बाद कंपनी का संदेह और बढ़ गया।
इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। कंपनी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने घटनाक्रम और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की है।
पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना होगा कि ₹3.28 लाख की रकम कर्मचारी के पास किस माध्यम से पहुंची और उसे कहां जमा कराया जाना था।
कंपनी के कैश रिकॉर्ड, अकाउंट स्टेटमेंट और आंतरिक वित्तीय दस्तावेजों की जांच से कथित गबन की टाइमलाइन स्पष्ट हो सकती है।
यदि रकम बैंक में जमा कराने के लिए दी गई थी तो संबंधित जमा पर्ची, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का भी मिलान किया जा सकता है।
पुलिस यह भी जांच सकती है कि कर्मचारी ने रकम अपने पास रखी या उसे किसी अन्य खाते अथवा व्यक्ति तक पहुंचाया गया।
कंपनी के अन्य कर्मचारियों के बयान भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इससे आरोपी की जिम्मेदारियों और रकम सौंपे जाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिलेगी।
कंपनी द्वारा जारी नोटिस की कॉपी भी पुलिस जांच का हिस्सा बन सकती है। नोटिस कब जारी किया गया और कर्मचारी ने उसका कोई जवाब दिया था या नहीं, इसकी पड़ताल की जाएगी।
कर्मचारी का मोबाइल फोन बंद होने या संपर्क नहीं होने की स्थिति में पुलिस उसकी अंतिम लोकेशन और हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटा सकती है।
परिवार और परिचितों से संपर्क कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि वह कहां गया और आखिरी बार किसके संपर्क में था।
आसपास लगे CCTV कैमरों और कार्यालय की रिकॉर्डिंग से भी कर्मचारी की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मिल सकती है।
पुलिस यह भी जांच सकती है कि इससे पहले कंपनी के खातों में किसी अन्य तरह की वित्तीय अनियमितता सामने आई थी या नहीं।
यदि पुराने रिकॉर्ड में भी रकम से जुड़ा अंतर मिलता है तो जांच का दायरा बढ़ सकता है। कंपनी अपने स्तर पर आंतरिक ऑडिट भी करा सकती है।
हालांकि कर्मचारी पर लगाए गए गबन के आरोप अभी जांच के अधीन हैं। आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और उपलब्ध वित्तीय साक्ष्यों से निर्धारित होगी।
फिलहाल गुरुग्राम में कंपनी की ₹3.28 लाख की रकम जमा नहीं कराने के आरोप में सीनियर असिस्टेंट मैनेजर जांच के दायरे में है। नोटिस मिलने के बाद उसके कथित तौर पर लापता होने के बाद पुलिस उसकी तलाश के साथ वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
![]()











