हरियाणा के 15 जिलों में आज बारिश का यलो अलर्ट, 7 सितंबर तक सक्रिय रहेगा मानसून; गुरुग्राम-पंचकूला में भारी बारिश के आसार

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Haryana Weather

हरियाणा में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार को प्रदेश के 15 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में तेज से भारी बारिश होने की संभावना है।

वहीं पश्चिमी और मध्य हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद और रोहतक में मौसम परिवर्तनशील रहने का अनुमान है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। शनिवार सुबह सोनीपत, हिसार और पानीपत समेत कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून टर्फ श्रीगंगानगर, रोहतक और फतेहगढ़ से होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर बनी हुई है। इसके प्रभाव से 5 से 7 सितंबर के दौरान हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

शुक्रवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में पंचकूला में 99.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। यमुनानगर में 57.5, गुरुग्राम में 44.5, करनाल में 33.5, रोहतक में 32 और रेवाड़ी में 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

गुरुग्राम में शुक्रवार को बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी। एक घंटे में करीब 36 मिलीमीटर बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। नेशनल हाईवे-48 पर भी यातायात प्रभावित हुआ और करीब डेढ़ घंटे तक जाम की स्थिति रही।

सेक्टर-40 में एक पेड़ बिजली लाइन पर गिरने से दो खंभे भी गिर गए। इसकी चपेट में आने से दो कारों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई। स्थानीय लोगों ने बिजली निगम को सूचना देकर सप्लाई बंद कराई। वहीं जलभराव के दौरान फील्ड में अनुपस्थित रहने के मामले में जेई मनोज को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

बारिश का असर प्रदेश के तापमान पर भी दिखाई दिया है। औसत दिन के तापमान में करीब 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सिरसा में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पंचकूला में न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार उत्तरी और दक्षिणी जिलों में बादल छाए रहने के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना बनी हुई है। 8 सितंबर के बाद मानसून की सक्रियता में फिर कमी आने का अनुमान है।

मौसम को देखते हुए किसानों को बारिश का दौर थमने तक फसलों में सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखने को भी कहा गया है।

मानसून के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में हरियाणा में सामान्य 146.1 मिलीमीटर के मुकाबले 135.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम है। 1 जून से 31 अगस्त तक प्रदेश में 283.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश 349.9 मिलीमीटर है।

जिलावार स्थिति में भी बड़ा अंतर है। नूंह, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और भिवानी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि करनाल, जींद, कैथल, अंबाला और रोहतक में बारिश की कमी बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों की बारिश से कई इलाकों में तापमान में राहत मिल सकती है।

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