फरीदाबाद : गुरुग्राम रोड स्थित बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर ड्यूटी के दौरान 36 वर्षीय कर्मचारी राजेंद्र की मौत का मामला सामने आया है। घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राजेंद्र टोल बैरियर के पास अचानक मुंह के बल गिरता दिखाई दे रहा है। कुछ देर बाद अन्य कर्मचारी उसके पास पहुंचते हैं। मामले में परिवार और पुलिस की ओर से मौत के कारण को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी राजेंद्र करीब 13 साल से बंधवाड़ी टोल पर सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा था। वह बंधवाड़ी गांव में अपनी बहन के घर रहता था। घटना 1 सितंबर की बताई गई है।
सामने आए CCTV में राजेंद्र बैरियर के पास खड़ा दिखाई देता है और अचानक जमीन पर गिर जाता है। करीब 25 सेकेंड बाद एक कर्मचारी उसकी ओर दौड़ता है। इसके बाद अन्य कर्मचारी भी वहां पहुंचते हैं और उसे संभालने का प्रयास करते हैं।
मृतक के परिजन राकेश ने आरोप लगाया है कि घटना से कुछ समय पहले एक वैगनआर कार ने पीछे हटते समय राजेंद्र को टक्कर मार दी थी। परिवार का दावा है कि टक्कर के बाद राजेंद्र नीचे गिरा और उसका सिर सड़क से टकराया। आरोप है कि कार चालक ने इलाज के लिए एक कर्मचारी को एक हजार रुपए दिए और वहां से चला गया।
परिवार के मुताबिक इसके करीब 10 मिनट बाद राजेंद्र की तबीयत बिगड़ी और वह टोल बूथ के पास अचानक गिर गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। उनका दावा है कि सूचना मिलने के बाद जब रिश्तेदार मौके पर पहुंचे तो उसकी हालत गंभीर थी। बाद में उसे बादशाह खान सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिवार ने टोल पर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। टोल प्रबंधन से जुड़े अधिकारी के अनुसार करीब तीन महीने पहले तक टोल का संचालन दूसरी एजेंसी द्वारा किया जा रहा था और उस समय एंबुलेंस उपलब्ध थी। वर्तमान में टोल पर एंबुलेंस नहीं होने की बात कही गई है।
दूसरी ओर, ग्वाल पहाड़ी पुलिस की जांच में अलग स्थिति सामने आई है। पुलिस चौकी इंचार्ज नरबीर के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में राजेंद्र की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। पुलिस का कहना है कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं पाए गए और जांच के दौरान कार से टक्कर लगने का कोई साक्ष्य भी नहीं मिला।
पुलिस ने उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर मामले में इत्तेफाकिया कार्रवाई की तथा पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
परिवार की ओर से लगाए गए कार की टक्कर और समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत का कारण हार्ट अटैक बता रही है।
राजेंद्र के तीन बच्चे हैं। परिवार के अनुसार करीब पांच साल पहले उसका पत्नी से तलाक हो गया था और वह अपने बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहा था। अचानक हुई उसकी मौत से परिवार सदमे में है।
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