करनाल : शहर में LIC ऑफिस के सामने युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। CIA-2 की टीम ने CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा। पुलिस की शुरुआती जांच में आपसी कहासुनी के बाद वारदात होने की बात सामने आई है। हालांकि हत्या के पीछे की पूरी वजह अभी जांच का विषय है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करनाल निवासी दीपांशु, योगेश और रोमियों के रूप में हुई है। पुलिस तीनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और घटनाक्रम की पूरी कड़ी स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक 16 सितंबर की सुबह सूचना मिली थी कि LIC ऑफिस के सामने एक युवक घायल अवस्था में पड़ा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान कालीचरण के रूप में हुई थी। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला था और करनाल में एक दुकान पर काम करता था। प्रारंभिक जांच में युवक पर हमला किए जाने की बात सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था।
वारदात के तुरंत बाद हमलावरों की पहचान स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस के सामने इसे सुलझाना चुनौती थी। इसके बाद मामले की जांच CIA-2 प्रभारी प्रवीण की टीम को सौंपी गई।
CIA-2 ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस ने मृतक के घटनास्थल तक पहुंचने और संदिग्धों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी जुटाई। अलग-अलग फुटेज और अन्य साक्ष्यों का मिलान करने के बाद पुलिस तीन संदिग्धों तक पहुंची।
जांच के दौरान दीपांशु, योगेश और रोमियों की पहचान होने के बाद तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मामले में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार अब तक की पूछताछ में कालीचरण और आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने की बात सामने आई है। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कालीचरण पर हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हालांकि वारदात केवल अचानक हुई कहासुनी का नतीजा थी या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था, इसकी जांच अभी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों का उद्देश्य लूट करना था या घटना के पीछे कोई अन्य विवाद था।
पुलिस ने फिलहाल वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं किया है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड मांगा जाएगा। रिमांड मिलने के बाद हथियार की बरामदगी के लिए आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
इसके साथ पुलिस आरोपियों के घटनास्थल तक पहुंचने, वारदात के बाद वहां से निकलने और हत्या से पहले हुए घटनाक्रम की भी जानकारी जुटाएगी। CCTV फुटेज से सामने आए तथ्यों का आरोपियों के बयानों से मिलान किया जाएगा।
मृतक कालीचरण के करनाल पहुंचने और घटना से पहले उसकी गतिविधियों की कड़ी को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों और कालीचरण की पहले से पहचान थी या उनका आमना-सामना घटना के दौरान ही हुआ।
फिलहाल पुलिस तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि रिमांड और आगे की जांच के बाद हत्या की वास्तविक वजह तथा वारदात में प्रत्येक आरोपी की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
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