कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से कम पानी वाली फसलों को अपनाने का किया आह्वान
सूक्ष्म सिंचाई से पानी और खाद की होगी बचत, फसल विविधीकरण पर दिया जोर
करनाल : महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय में पहला उद्यान मेला एवं हॉर्टी एक्सपो शुरू हुआ। मेले में प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उद्यान मेला किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और बाजार से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे नई तकनीकों और बाजार की जरूरतों की जानकारी किसानों तक पहुंचने के साथ उनकी आमदनी बढ़ाने तथा फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से परंपरागत खेती के साथ बागवानी और कम पानी की खपत वाली फसलों की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों में जल संरक्षण बेहद जरूरी है। किसानों को ऐसी फसलों और तकनीकों को अपनाना चाहिए, जिनसे कम पानी में बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सके।
उन्होंने सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के इस्तेमाल पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे पानी के साथ खाद की खपत को भी कम किया जा सकता है। पानी और पोषक तत्वों का सही तरीके से इस्तेमाल होने से खेती की लागत नियंत्रित करने में मदद मिलती है। साथ ही जमीन की सेहत को बेहतर बनाए रखने और अच्छा उत्पादन प्राप्त करने में भी यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।
राणा ने कहा कि किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक बागवानी पद्धतियों से जोड़ना समय की जरूरत है। विश्वविद्यालय, वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ किसानों को नई तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं बाजार से सीधा जुड़ाव किसानों को अपनी उपज की मांग और विपणन की बेहतर समझ देने में सहायक होगा।
उद्यान मेले एवं हॉर्टी एक्सपो के माध्यम से किसानों को बागवानी क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों, तकनीकों और फसल विविधीकरण से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आयोजन में किसान और विशेषज्ञ खेती को अधिक लाभकारी बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद कर रहे हैं।
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