भिवानी : बहल क्षेत्र में रविवार सुबह केमिकल से भरे एक टैंकर में भीषण आग लग गई। आग तेजी से फैलते हुए आसपास की रेहड़ियों और खोखों तक पहुंच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए भिवानी, हिसार सहित आसपास के क्षेत्रों से छह दमकल गाड़ियां बुलाई गईं।
जानकारी के अनुसार केमिकल से भरा टैंकर गुजरात से सोनीपत जा रहा था। शनिवार रात बहल के राजगढ़ रोड पर टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया था। बताया जा रहा है कि चालक ने सड़क पर आए एक बाइक सवार को बचाने का प्रयास किया, इसी दौरान टैंकर पलट गया। हादसे में चालक के पैर में चोट आई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
टैंकर पलटने के बाद उसमें भरे केमिकल का धीरे-धीरे रिसाव शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि रिसता हुआ केमिकल पास के गंदे पानी के नाले में पहुंच गया और नाले के रास्ते सुरपुरा रोड की तरफ फैलता चला गया।
रविवार सुबह किसी कारण से नाले में फैले केमिकल ने आग पकड़ ली। इसके बाद आग नाले के रास्ते वापस टैंकर तक पहुंच गई और कुछ ही समय में टैंकर भी लपटों की चपेट में आ गया। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी।
टैंकर में लगी आग की चपेट में आसपास लगी रेहड़ियां और खोखे भी आ गए। इससे स्थानीय दुकानदारों और रेहड़ी संचालकों को नुकसान होने की बात सामने आई है। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास मौजूद लोगों को घटनास्थल से दूर किया गया।
सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग का दायरा बड़ा होने के कारण अतिरिक्त दमकल वाहनों की जरूरत पड़ी। पुलिस के अनुसार आग बुझाने के लिए कुल छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। इनमें भिवानी, लोहारू, सिवानी और हिसार से पहुंची दमकल गाड़ियां शामिल थीं।
दमकल कर्मचारियों ने आग को नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाया। ज्वलनशील केमिकल होने और नाले में भी उसके फैल जाने के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रही। पुलिस और प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और संबंधित विभागों के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली।
बहल थाना एसएचओ उग्रसेन के अनुसार टैंकर रात में पलटा था और उसमें भरा केमिकल रिसकर नाले तक पहुंच गया था। नाले में आग लगने के बाद लपटें टैंकर तक पहुंचीं और फिर आसपास की रेहड़ियां व खोखे भी इसकी चपेट में आ गए।
फिलहाल प्रशासन आग से हुए कुल नुकसान का आकलन कर रहा है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि नाले में फैले केमिकल में आग किस कारण लगी और टैंकर में कौन सा रसायन भरा हुआ था। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और केमिकल रिसाव से पैदा हुए खतरे को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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