रोहतक स्कूल में बच्ची से कथित यौन हिंसा केस: तीसरी काउंसलिंग में एक लड़के का किया जिक्र, CCTV फुटेज भी खंगाल रही SIT

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Rohtak School Case

रोहतक : निजी स्कूल में नर्सरी की बच्ची से कथित यौन हिंसा के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। शनिवार को बच्ची की तीसरी बार विशेषज्ञ की मौजूदगी में काउंसलिंग की गई। पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) की मौजूदगी में हुई काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने स्कूल के एक लड़के का जिक्र किया है। पुलिस अब बच्ची के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और स्कूल से मिली सीसीटीवी फुटेज का मिलान कर रही है।

पीड़ित बच्ची के पिता के अनुसार शनिवार शाम पुलिस, एसआईटी और विशेषज्ञों की टीम उनके घर पहुंची थी। बच्ची से उसकी उम्र के अनुरूप तरीके से बातचीत की गई। पिता का कहना है कि सवालों के जवाब देते समय बच्ची बार-बार स्कूल में हुई घटना का जिक्र करती रही।

परिवार के मुताबिक बच्ची ने काउंसलिंग के दौरान एक लड़के के बारे में बताया और कहा कि उसने उसे बिस्किट दिया था। बच्ची ने यह भी बताया कि उक्त लड़का स्कूल आता है और उसे परेशान करता था। उसने वॉशरूम से जुड़ी बात भी विशेषज्ञों के सामने दोहराई।

हालांकि जांच के इस चरण में उस बच्चे की पहचान और कक्षा के संबंध में पुलिस की ओर से अंतिम आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामला नाबालिग बच्चों से जुड़ा होने के कारण उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती।

इस मामले में स्कूल की सीसीटीवी फुटेज भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। सामने आई एक फुटेज में पांचवीं कक्षा का एक छात्र नर्सरी की बच्ची के साथ करीब आधे घंटे तक क्लास में बैठा दिखाई देने का दावा किया गया है। दूसरी फुटेज से सामने आए दृश्यों में एक लड़का बच्ची से पहले वॉशरूम की ओर जाता दिखाई देता है।

केवल सीसीटीवी में किसी बच्चे का पीड़िता के आसपास या वॉशरूम की ओर दिखाई देना अपने आप में किसी अपराध में उसकी संलिप्तता साबित नहीं करता। एसआईटी फुटेज के समय, गतिविधियों, बच्ची के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

बच्ची के पिता के अनुसार 15 सितंबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल बस उसे घर छोड़कर गई थी। कपड़े बदलवाते समय परिवार को बच्ची के शरीर पर असामान्य लक्षण दिखाई दिए। पूछने पर बच्ची ने स्कूल में एक लड़के द्वारा कथित तौर पर गलत हरकत किए जाने की बात कही।

पिता का कहना है कि अगले दिन उन्होंने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल को इसकी जानकारी दी। परिवार के मुताबिक इसी दौरान बच्ची अपनी मां को स्कूल के वॉशरूम की तरफ लेकर गई और वहां कथित घटना होने की बात बताई।

इसके बाद परिजन बच्ची को पहले निजी अस्पताल और फिर पीजीआई लेकर गए। पिता का दावा है कि चिकित्सकों ने जांच के बाद मेडिकल दस्तावेज तैयार किए और पुलिस को सूचना दी। हालांकि कथित यौन हिंसा की प्रकृति और समय के संबंध में अंतिम निष्कर्ष मेडिकल रिपोर्ट, विशेषज्ञ राय और पुलिस जांच के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

मामले में बच्ची की बार-बार काउंसलिंग और उससे सामने आई जानकारी को संवेदनशील तरीके से जांचा जा रहा है। पुलिस के सामने चुनौती यह भी है कि कम उम्र की बच्ची से मिली जानकारी को वैज्ञानिक, चिकित्सकीय और तकनीकी साक्ष्यों के साथ सत्यापित किया जाए।

एसआईटी अब स्कूल की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, मेडिकल दस्तावेज, संबंधित लोगों के बयान और बच्ची की काउंसलिंग से सामने आई जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच पूरी होने से पहले किसी नाबालिग को आरोपी या दोषी मानना उचित नहीं होगा। मामले में अंतिम तथ्य पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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