पानीपत सिविल अस्पताल में प्रसूता की मौत पर हंगामा, परिजनों का आरोप- रातभर लगाते रहे गुहार, स्टाफ ने नहीं दिया ध्यान

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Panipat Civil Hospital

पानीपत : सिविल अस्पताल के लेबर वार्ड में 25 वर्षीय प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिवार का आरोप है कि महिला की तबीयत रातभर बिगड़ती रही और सांस लेने में परेशानी होने के बावजूद बार-बार बुलाने पर भी ड्यूटी स्टाफ ने समय पर ध्यान नहीं दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

डाबर कॉलोनी निवासी उमेश के अनुसार उनके छोटे भाई बिमलेश की शादी करीब चार साल पहले विद्यानंद कॉलोनी निवासी किरण (25) से हुई थी। किरण ने रविवार को अपने पहले बच्चे को जन्म दिया था। सिविल अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद मंगलवार को जच्चा और बच्चा दोनों को छुट्टी दे दी गई थी।

परिवार के मुताबिक घर पहुंचने के बाद किरण बाथरूम में फिसल गई और उसे चोट लग गई। परिजन उसे दोबारा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे लेबर वार्ड में भर्ती कर लिया गया। मंगलवार से उसका उपचार चल रहा था। परिजनों का कहना है कि मेडिकल जांच की रिपोर्ट सामान्य बताई जा रही थीं, लेकिन किरण को लगातार दर्द की शिकायत बनी हुई थी।

शनिवार और रविवार की दरमियानी रात किरण की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ने लगी। परिवार के अनुसार उसे तेज दर्द के साथ सांस लेने में भी परेशानी होने लगी। उस समय उसकी सास ऊषा और मां वार्ड में मौजूद थीं।

परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज की हालत बिगड़ने पर उन्होंने रात में कई बार ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ को इसकी जानकारी दी। परिवार का दावा है कि वे करीब 15 बार स्टाफ के पास गए और मरीज को देखने की गुहार लगाई, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिली।

परिवार का आरोप है कि ड्यूटी स्टाफ ने सुबह डॉक्टर के आने पर मरीज को दिखाने की बात कही। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक जांच अभी बाकी है और संबंधित कर्मचारियों का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रविवार तड़के किरण की मौत हो गई। इसके बाद परिवार और रिश्तेदार बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर में एकत्र हो गए। नाराज परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया और ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे समय पर जरूरी चिकित्सा सहायता नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उसकी बिगड़ती हालत पर ध्यान दिया जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि किरण की मौत का चिकित्सकीय कारण जांच और संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा।

हंगामे की जानकारी मिलने पर सीनियर डॉक्टर रिंकू सांगवान परिजनों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की। उन्होंने मामले की जांच कराने और जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।

परिजनों ने मांग की है कि घटना के समय लेबर वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भूमिका की जांच की जाए। इसके साथ ही उस दौरान मरीज को दिए गए उपचार, मेडिकल रिकॉर्ड और ड्यूटी रोस्टर की भी जांच की मांग की गई है।

फिलहाल अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। प्रसूता की मौत इलाज में लापरवाही के कारण हुई या इसके पीछे कोई चिकित्सकीय जटिलता थी, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच और मेडिकल तथ्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

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