फतेहाबाद : शहर के पुराना बाजार स्थित जनता धर्मशाला में दुकान के शटर पर पेंट कराने को लेकर दुकानदार और धर्मशाला मैनेजर के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई। घटना धर्मशाला परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर विवाद और हाथापाई शुरू करने के आरोप लगा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार धर्मशाला की एक दुकान मनोज परवाना ने किराए पर ली हुई है। शनिवार शाम दुकान के शटर पर किए गए पेंट को लेकर मनोज और धर्मशाला मैनेजर अमनदीप के बीच विवाद शुरू हुआ।
धर्मशाला प्रबंधन की ओर से शटर को जंग से बचाने के साथ विज्ञापन के उद्देश्य से उस पर पेंट कराया गया था। दुकानदार मनोज का कहना है कि दुकान उसके पास किराए पर है, इसलिए शटर पर किसी तरह का विज्ञापन या पेंट कराने से पहले उससे बात की जानी चाहिए थी।
मनोज के मुताबिक वह इसी बात की शिकायत लेकर धर्मशाला मैनेजर के पास पहुंचा था। उसका आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और मैनेजर ने डंडा उठा लिया। इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई हो गई। दुकानदार ने मैनेजर पर विवाद की शुरुआत करने और उसके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
वहीं धर्मशाला मैनेजर अमनदीप ने दुकानदार के आरोपों से अलग घटनाक्रम बताया है। अमनदीप का कहना है कि दुकान धर्मशाला की संपत्ति है और संबंधित दुकानदार नौकरी करने के कारण दुकान कभी-कभी ही खोलता है। इसी वजह से शटर को खराब होने और जंग लगने से बचाने के लिए उस पर पेंट कराया गया था।
मैनेजर ने आरोप लगाया कि दुकानदार का करीब एक साल का किराया बकाया है। अमनदीप के अनुसार जब दुकानदार इस मामले में बातचीत करने आया तो उसने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
दूसरी ओर दुकानदार मनोज ने किराया बकाया होने के आरोप से इनकार किया है। उसने किराए से संबंधित रसीदें दिखाते हुए दावा किया कि वह समय पर भुगतान करता रहा है। ऐसे में किराए को लेकर भी दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
घटना के दौरान मैनेजर की पत्नी राधा कुमारी भी मौके पर पहुंचीं। उनका कहना है कि जब उन्होंने अपने पति के साथ हो रही हाथापाई को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। दुकानदार की ओर से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है।
धर्मशाला में लगे सीसीटीवी कैमरे में विवाद का कुछ हिस्सा रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में दोनों पक्षों के बीच तनाव और धक्का-मुक्की दिखाई देती है। हालांकि केवल उपलब्ध वीडियो के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि पूरे विवाद की शुरुआत किसने की थी।
फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। शटर पर पेंट कराने, किराए के भुगतान और हाथापाई को लेकर दोनों के बयान अलग-अलग हैं। मामले में आगे की स्थिति शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
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