युवराज मनचंदा मर्डर केस में Reddit पोस्ट से नए दावे, पूर्व सहकर्मी ने पैसों के लेन-देन को बताया विवाद की वजह

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Yuvraj Singh Manchanda Murder

गुरुग्राम : रियल एस्टेट कंपनी के मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा की हत्या के मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर एक पोस्ट के जरिए कई नए दावे किए गए हैं। खुद को युवराज और आरोपी आन्या वत्स का पूर्व सहकर्मी बताने वाले एक व्यक्ति ने दावा किया कि दोनों के बीच उधार दिए गए पैसों को लेकर विवाद था। हालांकि Reddit पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दिल्ली निवासी युवराज गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी में मैनेजर था। उसका शव 10 सितंबर को गुरुग्राम के बादशाहपुर क्षेत्र स्थित एक नाले से बरामद हुआ था। उस समय शव की पहचान नहीं हो पाई थी। बाद में पुलिस जांच में उसकी पहचान युवराज सिंह मनचंदा के रूप में हुई।

मामले में पुलिस ने युवराज की पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे वित्तीय लेन-देन से जुड़ा विवाद होने की बात सामने आई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और हत्या की परिस्थितियों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

इसी बीच ‘Narrow Papaya’ नाम के Reddit अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई है। पोस्ट लिखने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उसने युवराज, आन्या और संयम के साथ एक ही कंपनी में काम किया था। उसका दावा है कि आन्या ने युवराज से पैसे उधार लिए थे और युवराज अपनी आगामी शादी के कारण रकम वापस मांग रहा था।

पोस्ट में आन्या पर पूर्व सहकर्मियों से भी पैसे उधार लेने और रकम वापस मांगने पर उन्हें कथित तौर पर दबाव में लेने जैसे कई आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा उसके पूर्व रोजगार और वित्तीय लेन-देन को लेकर भी गंभीर दावे किए गए हैं। ये सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप हैं और पुलिस की ओर से इन सभी दावों की पुष्टि नहीं की गई है।

युवराज की बहन के अनुसार अक्टूबर में उसकी शादी होने वाली थी। 6 सितंबर को वह अपनी बहन के साथ दिल्ली के लाजपत नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में शादी की खरीदारी करने गया था। इसके बाद दोनों लाजपत नगर-2 स्थित एक रेस्टोरेंट पहुंचे।

पुलिस जांच के मुताबिक शाम करीब चार बजे युवराज ने अपनी बहन से कहा कि उसे गुरुग्राम में किसी से मिलने जाना है और वह रात करीब 10 बजे तक घर लौट आएगा। इसके बाद वह वापस नहीं आया और उसका मोबाइल भी बंद हो गया।

परिवार ने कई दिनों तक उसकी तलाश की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर 11 सितंबर को लाजपत नगर थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के दौरान युवराज के मोबाइल से जुड़े कॉल और इंटरनेट रिकॉर्ड खंगाले।

जांच में युवराज और उसकी पूर्व सहकर्मी आन्या के बीच संपर्क होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आन्या की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार उसका पुराना मोबाइल नंबर बंद मिला, लेकिन बाद में नए नंबर और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर उसकी लोकेशन उत्तराखंड में मिली।

इसके बाद आन्या वत्स और संयम सचदेवा को उत्तराखंड से पकड़ा गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों की युवराज की हत्या में कथित भूमिका सामने आई है। हालांकि पुलिस हिरासत में दिए गए कथित बयानों के अलावा मामले में जुटाए जा रहे फॉरेंसिक, डिजिटल और अन्य साक्ष्य भी महत्वपूर्ण होंगे।

जांच के दौरान हत्या के तरीके और शव को कार में रखने की अवधि को लेकर आरोपियों के कथित बयानों में बदलाव की बात भी सामने आई है। इसी कारण पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है।

आन्या के खिलाफ पहले से एक वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि उस मामले में लगे आरोप अलग कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं और उनका अंतिम निष्कर्ष संबंधित अदालत में तय होगा।

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। जांच एजेंसी हत्या के पीछे वास्तविक कारण, पैसों के कथित लेन-देन और घटना से पहले व बाद की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ रही है। Reddit पर किए गए नए दावों को भी स्वतंत्र साक्ष्य मिलने पर ही पुष्ट तथ्य माना जा सकेगा।

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